अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
"सैरंग-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस: मिज़ोरम की रेल कनेक्टिविटी और उत्तर-पूर्व के समावेशी विकास की कहानी" भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राष्ट्र में, कनेक्टिविटी केवल एक लॉजिस्टिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समान विकास का आधार है। 13 सितंबर 2025 को सैरंग–आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस का उद्घाटन मिज़ोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक क्षण है। भारतीय रेलवे के 172 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब मिज़ोरम मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर शुरू की गई यह 2,510 किमी की रेल सेवा सैरंग (आइजोल के पास) से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल तक जाती है। यह ट्रेन केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि भारत के सुदूर क्षेत्रों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प का प्रतीक है। परियोजना का विवरण: बैराबी–सैरंग ब्रॉड गेज रेल लाइन, जिसकी लागत ₹8,070 करोड़ से अधिक है, में 51.38 किमी की नई रेल लाइन शामिल है। इसमें 142 पुल (जिनमें विश्व का सबसे ऊँचा 104 मीटर का पियर शामिल है), 23 सुरंगें (सबसे लंबी 1.8 किमी), और चार ...