अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
जिमी लाई: हॉन्ग कॉन्ग की प्रेस स्वतंत्रता और लोकतंत्र की लड़ाई का प्रतीक 9 फरवरी 2026 को हॉन्ग कॉन्ग के इतिहास में एक ऐसा निर्णय दर्ज हुआ, जिसने शहर की आत्मा, उसकी प्रेस स्वतंत्रता और “एक देश, दो प्रणाली” की अवधारणा पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए। हॉन्ग कॉन्ग हाई कोर्ट ने 78 वर्षीय मीडिया उद्यमी, लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता और बीजिंग के मुखर आलोचक जिमी लाई (लाई ची-यिंग) को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSL) के तहत 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह सजा न केवल NSL के तहत अब तक की सबसे लंबी सजा है, बल्कि लाई की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए इसे व्यापक रूप से व्यावहारिक आजीवन कारावास माना जा रहा है। यह फैसला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। यह हॉन्ग कॉन्ग के उस दौर के अंत का प्रतीक है, जहाँ स्वतंत्र पत्रकारिता, राजनीतिक असहमति और नागरिक स्वतंत्रताएँ शहर की पहचान हुआ करती थीं। एक शरणार्थी से मीडिया सम्राट तक: जिमी लाई की यात्रा जिमी लाई की कहानी स्वयं में संघर्ष, साहस और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। मुख्यभूमि चीन में जन्मे लाई किशोरावस्था में ही कम्युनिस्ट शासन से भागकर हॉन्ग कॉन्ग ...