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Dhar Bhojshala Verdict: High Court Decision, Political Reactions and Social Impact Analysis

 धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट के फैसले, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और सामाजिक प्रभावों का गहन विश्लेषण धार की ऐतिहासिक भोजशाला पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का निर्णय केवल एक धार्मिक स्थल से जुड़ा कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि यह भारत की ऐतिहासिक चेतना, न्यायिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की गंभीर परीक्षा भी है। सदियों से विवादों, दावों और भावनात्मक बहसों के केंद्र में रही भोजशाला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां न्यायपालिका ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपना स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस फैसले ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम समाधान का मार्ग अदालतों और संविधान से होकर ही गुजरता है। भोजशाला का इतिहास केवल एक इमारत का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान, शिक्षा और आस्था का गहरा समन्वय दिखाई देता है। माना जाता है कि परमार वंश के महान राजा भोज के काल में यह स्थान विद्या और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र था। समय के साथ राजनीतिक और ऐतिहासिक परिवर्तनों ने इसकी पहचान को विवादों में बदल...

From MGNREGA to VB-G RAM G: India’s Shift from Rights-Based Rural Employment to a Development Mission

2025 का अंत: MGNREGA से VB-G RAM G एक्ट तक — ग्रामीण रोजगार गारंटी में नया विवाद और सत्ता-विपक्ष की जंग भूमिका भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोज़गार सुरक्षा हमेशा से एक निर्णायक नीति-क्षेत्र रही है। विशेष रूप से निम्न-आय, कृषि-आश्रित और श्रम-प्रधान समाज में रोज़गार गारंटी का विचार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, गरिमा और अधिकार से भी जुड़ा माना गया है। इसी पृष्ठभूमि में 2005 में लागू हुआ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) दो दशकों तक ग्रामीण भारत की सामाजिक सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ बना रहा। लेकिन 2025 के अंतिम महीनों में इस व्यवस्था ने एक बड़ा मोड़ लिया, जब केंद्र सरकार ने MGNREGA को निरस्त कर उसकी जगह विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (VB-G RAM G एक्ट, 2025) लागू कर दिया। यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और वैचारिक टकराव का नया मंच बन गया है। सरकार इसे सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानती है, जबकि विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों और गांधीवादी परंपरा पर हमला बता रहा है। MGNREGA: सामाजिक अधिकार से विकास न...

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