भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
Grok AI Image Generation Controversy: Misuse of AI, Deepfake Abuse and Global Ethical Implications (2024–2026)
एआई के दुरूपयोग की एक गंभीर मिसाल: ग्रोक इमेज जेनरेशन कंट्रोवर्सी का पूरा घटनाक्रम और उसके निहितार्थ परिचय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने मानव जीवन को सुविधाजनक बनाने के वादे के साथ प्रवेश किया, लेकिन इसके दुरूपयोग ने समाज को नई चुनौतियों से रूबरू कराया है। एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा विकसित ग्रोक एआई, जो एक चैटबॉट और इमेज जेनरेटर है, हाल ही में एक बड़े विवाद का केंद्र बना। यह विवाद मुख्य रूप से ग्रोक की क्षमता से जुड़ा है, जिसमें यूजर्स ने महिलाओं, सेलिब्रिटीज और यहां तक कि नाबालिगों की तस्वीरों को बिना सहमति के सेक्सुअलाइज्ड या न्यूड रूप में बदल दिया। यह घटना न केवल एआई की नैतिक सीमाओं को चुनौती देती है, बल्कि डिजिटल यौन हिंसा, गोपनीयता उल्लंघन और बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के उत्पादन जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। इस लेख में हम इस पूरे घटनाक्रम का क्रमबद्ध विश्लेषण करेंगे और एआई के दुरूपयोग के व्यापक प्रभावों पर चर्चा करेंगे, जो कि 2024 से 2026 तक फैला हुआ है। यह कंट्रोवर्सी एआई टेक्नोलॉजी के तेज विकास और अपर्याप्त सुरक्षा उपायों (सेफगार्ड्स) के बीच के असंतुलन को दर्शाती है...