अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
क्या पाकिस्तान एक बार पुनः विभाजन का शिकार होगा? भूमिका पाकिस्तान 1947 में भारत से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बना, लेकिन यह विभाजन केवल एक शुरुआत थी। 1971 में एक और विभाजन हुआ, जब पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) अलग होकर एक स्वतंत्र देश बन गया। आज, पाकिस्तान कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या देश एक और विभाजन की ओर बढ़ रहा है? बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते अलगाववादी आंदोलन, आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ती सैन्य भूमिका ने इस संभावना को और भी प्रासंगिक बना दिया है। इस लेख में, हम पाकिस्तान के विभाजन की संभावनाओं को समझने के लिए इसके आंतरिक सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं का विश्लेषण करेंगे। पाकिस्तान में विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ 1971 का बांग्लादेश विभाजन पाकिस्तान का पहला बड़ा विभाजन 1971 में हुआ जब पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) ने स्वतंत्रता प्राप्त की। इसकी मुख्य वजह थी पश्चिमी पाकिस्तान (आज का पाकिस्तान) द्वारा पूर्वी पाकिस्तान के साथ होने वाला भेदभाव। भाषा, आर्थिक संसाधनों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर पूर्वी...