अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
China’s Expanding Nuclear Arsenal: Modernization, Strategic Ambitions and Global Security Implications
चीन की परमाणु हथियार योजना: विस्तार, आधुनिकीकरण और वैश्विक निहितार्थ (भारत-केंद्रित विश्लेषण) प्रस्तावना इक्कीसवीं सदी का अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था-विमर्श पारंपरिक सैन्य शक्ति से आगे बढ़कर परमाणु, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं पर केंद्रित हो चुका है। इस संदर्भ में चीन की तेज़ी से बढ़ती परमाणु क्षमता वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य के सबसे निर्णायक परिवर्तनों में से एक है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार हैं—जो संख्या अमेरिका और रूस से कम है—परंतु वृद्धि की गति इसे वैश्विक शक्ति-संतुलन हेतु एक मुख्य चुनौती बनाती है। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित किसी भी "त्रिपक्षीय हथियार नियंत्रण समझौते" में शामिल होने से इनकार किया है। इससे स्पष्ट है कि बीजिंग अपनी परमाणु रणनीति को अमेरिकी दबाव से अलग रखकर स्वयं की विशिष्ट भू-राजनीतिक आकांक्षाओं के अनुरूप आकार दे रहा है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ‘न्यूनतम प्रतिरोध’ से ‘सक्रिय प्रतिरोध’ तक चीन ने 1964 में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया और इसके बाद दशकों तक उसने न्...