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End of the New START Treaty: Global Nuclear Arms Control, Strategic Instability, and Emerging Security Challenges
न्यू START संधि का अंत: वैश्विक परमाणु व्यवस्था, रणनीतिक अनिश्चितता और भारत के विकल्प (UPSC दृष्टिकोण) भूमिका परमाणु हथियार नियंत्रण की वैश्विक संरचना आज अपने सबसे नाज़ुक चरण में प्रवेश कर चुकी है। शीत युद्ध के दौरान स्थापित arms control architecture ने दशकों तक अमेरिका और सोवियत संघ/रूस के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखा। इसी परंपरा की अंतिम कड़ी न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START) थी, जो 2010 में अमेरिका और रूस के बीच हस्ताक्षरित हुई। इसका 5 फरवरी 2026 को समाप्त होना न केवल द्विपक्षीय संबंधों का मुद्दा है, बल्कि यह समूची वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हो सकता है। UPSC के दृष्टिकोण से यह विषय GS Paper II (अंतरराष्ट्रीय संबंध) , GS Paper III (आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा) तथा निबंध के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। न्यू START संधि: पृष्ठभूमि और प्रमुख प्रावधान New START संधि शीत युद्ध के बाद की arms control प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण परिणाम थी। इस संधि के अंतर्गत: दोनों देशों के तैनात रणनीतिक परमाणु वारहेड्स की सीमा 1,550 निर्धारित की गई। 700 तैनात...