हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025: लैंगिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सार 27 नवंबर 2025 को असम विधानसभा द्वारा पारित असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 भारतीय व्यक्तिगत विधि सुधारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा 25 नवंबर को सदन में प्रस्तुत इस विधेयक का उद्देश्य बहुविवाह की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना तथा छिपाई गई शादियों पर 10 वर्ष तक और प्रत्यक्ष बहुविवाह पर 7 वर्ष तक की कठोर सज़ा देना है। अनुसूचित जनजातियों और छठी अनुसूची क्षेत्रों को इसमें छूट दी गई है, जिससे सांस्कृतिक स्वायत्तता का सम्मान होता है। वैश्विक उदाहरणों, विशेषकर तुर्की के 1926 के सुधारों का उल्लेख करते हुए, राज्य सरकार ने इसे महिला सम्मान और समानता की दिशा में निर्णायक कदम बताया है। यह लेख विधेयक के विधिक ढांचे, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक निहितार्थों तथा संभावित चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है और तर्क देता है कि यह विधेयक विविध सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों में विवाह संबंधी अधिकारों को पुनर्परिभाषित करने का मार्ग प्रशस्त करता है। परिचय भारत में व्यक्तिगत विधिय...