अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Bihar Election 2025: Prashant Kishor aur Jan Suraj ki Zero Seat Haar — Kya ‘Vikalp Ki Rajneeti’ Ka Ant Ya Nayi Shuruaat?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की असफलता: क्या यह ‘विकल्प की राजनीति’ का अंत है या नए प्रयोगों की सीख? परिचय “राजनीति में सफलता का पैमाना सीटें नहीं, विचारों की गहराई होती है।” — कांशीराम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कई स्तरों पर महत्वपूर्ण रहेगा। एक ओर एनडीए की भारी जीत, दूसरी ओर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) का शून्य पर सिमट जाना — दोनों ने मिलकर राजनीति के विकल्प मॉडल पर गहरा विमर्श खड़ा किया। प्रशांत किशोर, जो एक समय भारत के सबसे सफल चुनावी रणनीतिकार माने जाते थे, पिछले तीन वर्षों से बिहार के गांव-गांव पैदल चलकर एक वैकल्पिक राजनीतिक ढांचा खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। सामाजिक संवाद, जनता के मुद्दों पर शोध, युवाओं को राजनीति में लाने का प्रयास और भ्रष्टाचार-विरोधी नैरेटिव — सब मिलाकर जन सुराज एक “लंबी रेस का प्रोजेक्ट” माना जा रहा था। परंतु 00 सीटों का परिणाम यह प्रश्न उठाता है: क्या बिहार ने विकल्प राजनीति को नकार दिया? या यह सिर्फ वैकल्पिक राजनीति के परिपक्व होने की प्रारंभिक पीड़ा (birth pain) है? ...