भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरक संदेश — 2026 की नई उड़ान, नई सोच, नया संकल्प UPSC की यात्रा किसी साधारण मंज़िल की यात्रा नहीं होती। यह वह मार्ग है जहाँ धैर्य, आत्मविश्वास, संघर्ष, त्याग, अनुशासन और निरंतरता—सबकी एक साथ परीक्षा होती है। कई बार यह रास्ता लंबा लगता है, कई बार ऐसा लगता है कि सब छूट रहा है, पर याद रखिए— जो रास्ता कठिन होता है, वही आपको असाधारण बनाता है। 2026 आपके लिए सिर्फ कैलेंडर का नया पन्ना नहीं, बल्कि जीवन में नई शुरुआत का अवसर है। 🔴 1️⃣ नकारात्मकता से मुक्ति — “Delete negative people & thoughts” UPSC की तैयारी के दौरान सबसे बड़ा संघर्ष बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि अपनी भीतरी शंकाओं से होता है। लोग कहेंगे — 👉 “बहुत मुश्किल है” 👉 “तुमसे नहीं होगा” 👉 “इतने लोग पास नहीं होते” लेकिन वे आपको नहीं जानते — वे आपकी मेहनत, जिद, संघर्ष और जुनून नहीं जानते। इसलिए — ✔ तुलना मत कीजिए ✔ आलोचनाओं को महत्व मत दीजिए ✔ अपनी यात्रा पर फोकस रखिए 🛑 नकारात्मक लोगों से दूरी ही नहीं, 💡 नकारात्मक विचारों को भी मन से निकालना सीखिए। याद रखें — आपका लक्ष्य आपका है...