हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Return of the G-2 Power Axis: How the U.S.–China Rapprochement Could Marginalize India Geopolitically
जी–2 द्वंद्वाधिकार की वापसी: अमेरिका–चीन निकटता भारत को भू–राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल सकती है परिचय विश्व राजनीति में कभी–कभी इतिहास स्वयं को दोहराता है, बस परिस्थितियाँ और चेहरे बदल जाते हैं। अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित एशिया–प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अप्रत्याशित ‘सद्भावनापूर्ण’ बैठक ने उसी ऐतिहासिक पुनरावृत्ति का संकेत दिया। ट्रम्प द्वारा चीन को “कार्यात्मक समान” (Functional Equal) बताना केवल शब्दों का चयन नहीं था—यह वैश्विक शक्ति–संतुलन में एक संरचनात्मक मोड़ था। एक दशक तक चले शीत–संघर्ष जैसे अमेरिकी–चीनी तनावों के बाद, इस “जी–2” (G–2) अवधारणा की वापसी ने वैश्विक भू–राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। यह प्रश्न अब और अधिक प्रासंगिक हो गया है—क्या यह द्विपक्षीय निकटता विश्व में शक्ति–वितरण को पुनः दो ध्रुवों में बाँट देगी? और यदि ऐसा होता है, तो भारत जैसी ‘मध्यम शक्ति’ (Middle Power) के लिए इसका अर्थ क्या होगा? जी–2 की अवधारणा: एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि “जी–2” का विचार नया न...