राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
Return of the G-2 Power Axis: How the U.S.–China Rapprochement Could Marginalize India Geopolitically
जी–2 द्वंद्वाधिकार की वापसी: अमेरिका–चीन निकटता भारत को भू–राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल सकती है परिचय विश्व राजनीति में कभी–कभी इतिहास स्वयं को दोहराता है, बस परिस्थितियाँ और चेहरे बदल जाते हैं। अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित एशिया–प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अप्रत्याशित ‘सद्भावनापूर्ण’ बैठक ने उसी ऐतिहासिक पुनरावृत्ति का संकेत दिया। ट्रम्प द्वारा चीन को “कार्यात्मक समान” (Functional Equal) बताना केवल शब्दों का चयन नहीं था—यह वैश्विक शक्ति–संतुलन में एक संरचनात्मक मोड़ था। एक दशक तक चले शीत–संघर्ष जैसे अमेरिकी–चीनी तनावों के बाद, इस “जी–2” (G–2) अवधारणा की वापसी ने वैश्विक भू–राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। यह प्रश्न अब और अधिक प्रासंगिक हो गया है—क्या यह द्विपक्षीय निकटता विश्व में शक्ति–वितरण को पुनः दो ध्रुवों में बाँट देगी? और यदि ऐसा होता है, तो भारत जैसी ‘मध्यम शक्ति’ (Middle Power) के लिए इसका अर्थ क्या होगा? जी–2 की अवधारणा: एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि “जी–2” का विचार नया न...