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जड़ता: समाज में बढ़ती मानसिक कठोरता और उसके प्रभाव भूमिका मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विचारशीलता है। विचारों का प्रवाह समाज में विकास, परिवर्तन और नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है। लेकिन जब मनुष्य अपनी सोच को अंतिम सत्य मान लेता है और अन्य विचारों के प्रति असहिष्णु हो जाता है, तब उसकी बुद्धि जड़ हो जाती है। "जड़ता" का अर्थ मात्र मूर्खता नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अपनी मान्यताओं, धारणाओं या विचारों को ही सही मानता है और अन्य विचारों को नकारने या उनका विरोध करने लगता है। समाज में ऐसी मानसिक जड़ता का बढ़ना एक गंभीर समस्या है, क्योंकि यह समाज की प्रगतिशीलता, नवीनता और परिवर्तनशीलता को बाधित करता है। जड़ता का अर्थ और परिभाषा जड़ता का शाब्दिक अर्थ स्थिरता या निष्क्रियता है। भौतिकी में यह किसी वस्तु की अपनी स्थिति बनाए रखने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, लेकिन सामाजिक संदर्भ में इसका अर्थ है - मानसिक जड़ता, जहां व्यक्ति अपनी धारणाओं को अंतिम सत्य मानता है और अन्य विचारों के प्रति असहिष्णुता दिखाता है। जड़ता के लक्षण: विचारों में स्थिरता: व्यक्ति अपन...