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Polity Point By Arvind Singh PK Rewa

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Eklavya Model Schools Boosted by MoTA–ONGC CSR Partnership for Infrastructure and Capacity Development

जनजातीय कार्य मंत्रालय–ONGC MoU: CSR आधारित सहयोग से एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों का सशक्तिकरण

परिचय

आदिवासी समुदायों के शैक्षणिक सशक्तिकरण को नई गति देते हुए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs – MoTA) और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों (EMRS) में बुनियादी ढांचे के विकास और क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

यह पहल न केवल आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व समावेशी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम है, बल्कि सरकार–कॉर्पोरेट साझेदारी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की एक प्रभावी मिसाल भी प्रस्तुत करती है।


EMRS योजना: उद्देश्य, विस्तार और प्रासंगिकता

एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल योजना की शुरुआत 1997-98 में इस विचार के साथ हुई थी कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को सुरक्षित, आवासीय और प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

2018-19 में योजना के पुनर्गठन के बाद इसका दायरा व्यापक हुआ—

  • लक्ष्य: 728 EMRS स्कूल
  • क्षमता: लगभग 3.5 लाख छात्र
  • संचालन: National Education Society for Tribal Students (NESTS)

इन स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा के साथ-साथ
स्थानीय संस्कृति संरक्षण, खेल-कूद, कौशल विकास, पर्यावरण जागरूकता और समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी बराबर बल दिया जाता है। इस प्रकार EMRS, आदिवासी समाज के लिए नवोदय मॉडल के समकक्ष शैक्षणिक अवसर प्रदान करते हैं।


MoU के उद्देश्य और प्रमुख आयाम

MoU का केंद्रीय उद्देश्य CSR संसाधनों का उपयोग करते हुए EMRS को शैक्षणिक उत्कृष्टता और संसाधन-समृद्ध अवसंरचना से सशक्त बनाना है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं—

1. बुनियादी ढांचे का विकास

  • आधुनिक एवं सुरक्षित स्कूल-भवन
  • स्मार्ट कक्षाएँ और विज्ञान प्रयोगशालाएँ
  • छात्रावास, खेल परिसर और पुस्तकालय
  • डिजिटल ढांचा—कंप्यूटर लैब, आइटी नेटवर्क, कनेक्टिविटी

2. क्षमता निर्माण और मानवीय संसाधन सुदृढ़ीकरण

  • शिक्षकों और स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं जीवन-कौशल सत्र
  • नवाचार आधारित लर्निंग मॉडल

3. पूरक सामाजिक सुविधाएँ

  • सौर ऊर्जा और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
  • स्वास्थ्य एवं वेलनेस सपोर्ट
  • खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों के अतिरिक्त संसाधन

ONGC द्वारा CSR के माध्यम से यह निवेश जनजातीय क्षेत्रों में सतत विकास-उन्मुख सामाजिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक उदाहरण बनता है।


नीतिगत महत्व और व्यापक प्रभाव

शिक्षा-समानता की दिशा में ठोस कदम

दूरदराज़ और वंचित आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे अब सुविधा-सम्पन्न आवासीय विद्यालयों में बेहतर शिक्षण-पर्यावरण पा सकेंगे, जिससे शैक्षणिक अंतराल कम होने की संभावना मजबूत होती है।

CSR का लक्षित एवं उत्तरदायी प्रयोग

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा CSR निवेश को सामाजिक-न्याय आधारित क्षेत्रों की ओर निर्देशित करना, नीतिगत उत्तरदायित्व और विकासात्मक साझेदारी दोनों को सुदृढ़ करता है।

राष्ट्रीय विकास अभियानों से अंतर्संबंध

यह पहल PM-JANMAN, धर्ती आंबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा अन्य जनजातीय उन्नयन कार्यक्रमों के उद्देश्यों से समन्वित है, जिससे समग्र और बहुस्तरीय विकास प्रभाव उत्पन्न होता है।

दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक परिणाम

उत्तम शिक्षा से

  • उच्च शिक्षा व प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सहभागिता बढ़ेगी
  • रोज़गार/उद्यमिता के अवसर सशक्त होंगे
  • समुदाय स्तर पर आर्थिक आत्मनिर्भरता व सामाजिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

निष्कर्ष

जनजातीय कार्य मंत्रालय और ONGC के बीच हुआ यह MoU, शिक्षा-केंद्रित सामाजिक निवेश की एक दूरदर्शी पहल है। यह न केवल EMRS संस्थानों को संसाधन, तकनीक और कौशल से समृद्ध बनाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र मिलकर विकास को साझी जिम्मेदारी के रूप में कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।

2026 तक लक्षित सभी EMRS को क्रियाशील बनाने के लक्ष्य के साथ यह सहयोग, वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को सार्थक रूप में आगे बढ़ाता है—जहाँ शिक्षा, अवसर और समानता मिलकर आदिवासी समाज के भविष्य को एक नई दिशा प्रदान करते हैं।


संदर्भ

  • News On Air (DD News) — CSR-फंडेड Eklavya Model Residential School अवसंरचना विकास के लिए MoU का समाचार (5 दिसंबर 2025) प्रकाशित। 
  • Press Information Bureau (PIB) — Ministry of Tribal Affairs: जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा Eklavya Model Residential Schools के CSR-आधारित अवसंरचना और क्षमता निर्माण MoU के कार्यक्रम (5 जनवरी 2026) के लिए आधिकारिक मीडिया इनविटेशन प्रकाशित। (pib.gov.in)

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