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Rising Attacks on Hindu Minorities in Bangladesh: Global Silence and Human Rights Concerns

The Silent Genocide: Persecution of Hindus in Bangladesh and the Moral Failure of the Global Community In an age where conflicts in Gaza, Ukraine, and other flashpoints command the world’s attention, a quieter yet deeply disturbing humanitarian crisis continues to unfold next door to India — in Bangladesh. Since the political upheaval and resignation of Prime Minister Sheikh Hasina in August 2024, reports of violence against the Hindu minority have escalated dramatically. Killings, arson attacks, vandalism of temples, forced displacement, economic boycotts, and intimidation have become frighteningly frequent. According to figures cited by Indian authorities, more than 2,200 incidents of violence against Hindus were recorded in 2024 alone , with similar patterns continuing through 2025 and into 2026. Independent reports corroborate these trends: homes torched, idols desecrated, businesses looted, and families compelled to flee ancestral lands. Yet, despite the mounting evidence, the w...

Operation Sindoor: A Precise Assertion of Sovereignty and Strategic Resolve

ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई - अपडेटेड विश्लेषण (9 मई 2025)

प्रस्तावना

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को झकझोर दिया था। आतंकियों ने 26 लोगों की निर्मम हत्या की, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। इस हमले की क्रूरता ने न केवल भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक स्तर पर भी गहरा आघात पहुँचाया। आतंकियों ने गैर-मुस्लिम पुरुषों को निशाना बनाया और उनकी पत्नियों को जीवित छोड़कर उनके माथे से सिंदूर मिटाने की कोशिश की। यह हमला भारत की एकता और अस्मिता पर सीधा प्रहार था।

इसका जवाब देने के लिए भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो एक सटीक और शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई थी। यह ऑपरेशन न केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का अभियान था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक ताकत और संकल्प का प्रतीक भी बना। हाल के घटनाक्रमों के आधार पर, यह लेख ऑपरेशन सिंदूर के नवीनतम अपडेट्स, इसके प्रभावों और भविष्य के परिदृश्य का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

नवीनतम अपडेट्स (9 मई 2025 तक)

ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 मई को सर्वदलीय बैठक के बाद घोषणा की कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद की "बची-खुची जमीन" को भी खत्म करने की तैयारी पूरी है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान और PoK में 12 और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई और भारत का जवाब

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलाबारी शुरू की। 6-7 मई की रात को हुई गोलाबारी में तीन भारतीय नागरिक मारे गए। 8 मई को कुपवाड़ा के केरन सेक्टर और नौशेरा में गोलाबारी जारी रही। पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट और उधमपुर के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश की, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। नौशेरा में दो पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए गए।

भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में 10 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किया और LoC पर सतर्कता बढ़ा दी।

लाहौर में ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की खबरें

8 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि भारत ने लाहौर और सियालकोट में "ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2" शुरू किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय ने 9 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग की घोषणा की, जिसमें इस बारे में और जानकारी दी जा सकती है।

भारत में सुरक्षा उपाय

हवाई अड्डों पर प्रतिबंध: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने 21 हवाई अड्डों को 10 मई तक बंद रखने का फैसला किया। श्रीनगर और अवंतीपोरा हवाई अड्डों के आसपास के स्कूल 9-10 मई तक बंद हैं।

रेड अलर्ट: उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया। कश्मीर के 10 जिलों में कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट: 244 जिलों में मॉक ड्रिल जारी हैं। जम्मू, अमृतसर, दिल्ली और गुजरात में ब्लैकआउट का अभ्यास किया गया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ

इजराइल का समर्थन: इजराइल ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का खुलकर समर्थन किया।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, संयुक्त राष्ट्र और कतर ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। ट्रंप ने कहा, "मैं जानता था भारत बदला लेगा, लेकिन दोनों पक्षों को शांति बनाए रखनी चाहिए।"

ब्रिटेन: पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारत के कदम की सराहना की।

यूक्रेन: यूक्रेन ने शांति और स्थिरता की वकालत की।

भारत ने 13 देशों के राजदूतों को ऑपरेशन की जानकारी दी, जिससे कूटनीतिक मोर्चे पर उसकी स्थिति मजबूत हुई।

पाकिस्तान में दहशत

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्कूल 10 मई तक बंद हैं। रावलपिंडी में 8 मई को होने वाला PSL क्रिकेट मैच स्थगित कर दिया गया, क्योंकि स्टेडियम पर ड्रोन हमला हुआ। पाकिस्तान ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में 37 लोग मारे गए, जिनमें नागरिक शामिल थे। हालांकि, भारत ने इसे झूठा प्रचार करार दिया।

आंतरिक समर्थन और भावनाएँ

पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की। उदाहरण के लिए, भारतीय वायुसेना के कॉर्पोरल तागे हेलियांग के परिवार ने कहा, "यह कार्रवाई हमारे दर्द को कम करती है।"

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सेना की कार्रवाई का समर्थन किया। अब्दुल्ला ने कहा, "पहलगाम हमले का जवाब देना जरूरी था।"

बॉलीवुड में "ऑपरेशन सिंदूर" टाइटल को लेकर फिल्मों के लिए रजिस्ट्रेशन की होड़ शुरू हो गई है।

ऑपरेशन सिंदूर का विश्लेषण: अब तक की उपलब्धियाँ

सैन्य सफलता

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वित कार्रवाई की। 7 मई को रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच 25 मिनट में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया।

लक्षित ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर हेडक्वार्टर, लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके सेंटर और हिजबुल मुजाहिदीन का सियालकोट कैंप शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार, 90-100 आतंकी मारे गए, जिसमें जैश और लश्कर के कई बड़े कमांडर शामिल थे।

सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव

ऑपरेशन का नाम "सिंदूर" उन विधवाओं के सम्मान में रखा गया, जिनके पति पहलगाम हमले में मारे गए। यह भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को आतंक के खिलाफ हथियार बनाने की मिसाल है।

इसने आतंकियों के मनोवैज्ञानिक युद्ध को उसी के हथियार से जवाब दिया, जिससे भारत का नैरेटिव विश्व स्तर पर मजबूत हुआ।

कूटनीतिक जीत

भारत ने ऑपरेशन के तुरंत बाद वैश्विक समुदाय को अपनी कार्रवाई की जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 13 देशों के राजदूतों को ब्रीफिंग दी, जिससे भारत की पारदर्शिता और जिम्मेदारी स्पष्ट हुई।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन के सबूत पेश किए गए, जिससे उस पर दबाव बढ़ा।

चुनौतियाँ और भविष्य का परिदृश्य

क्षेत्रीय तनाव

पाकिस्तान की गोलाबारी और ड्रोन हमलों से तनाव बढ़ रहा है। भारत को जवाबी कार्रवाई और शांति के बीच संतुलन बनाना होगा।

ऑपरेशन सिंदूर के "पार्ट-2" की खबरें, यदि सत्य हैं, क्षेत्रीय स्थिरता को और प्रभावित कर सकती हैं।

सूचना युद्ध

पाकिस्तान ने फर्जी वीडियो और पुरानी तस्वीरों के जरिए भारत के खिलाफ प्रचार करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे बेनकाब किया। भविष्य में सूचना युद्ध में और सतर्कता जरूरी होगी।

नागरिक सुरक्षा

भारत ने स्कूल बंद करने, हवाई अड्डों पर प्रतिबंध और मॉक ड्रिल जैसे कदम उठाए हैं। लेकिन लंबे समय तक ऐसी सतर्कता नागरिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

कानूनी और नैतिक सवाल

ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने आत्मरक्षा का अधिकार बताया, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों को और स्पष्ट करना होगा।

निष्कर्ष: भारत का दृढ़ संकल्प

ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया, बल्कि भारत की सैन्य, सांस्कृतिक और कूटनीतिक ताकत को दुनिया के सामने रखा। यह उन विधवाओं के लिए न्याय की पुकार थी, जिनके माथे से सिंदूर मिटाने की कोशिश की गई। यह ऑपरेशन भारत के "जीरो टॉलरेंस" के रुख को दर्शाता है, जो आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

हालांकि, ऑपरेशन के जारी रहने और पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाइयों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है। भारत को अपनी सैन्य ताकत के साथ-साथ कूटनीति और सूचना युद्ध में भी अपनी स्थिति मजबूत रखनी होगी। ऑपरेशन सिंदूर भारत के नए युग का प्रतीक है—जहाँ हम अपनी परंपराओं, एकता और संकल्प के साथ हर चुनौती का जवाब देने को तैयार हैं।

संपादकीय टिप्पणी

यह विश्लेषण नवीनतम घटनाक्रमों और हमारे संपादकीय बोर्ड के गहन अध्ययन पर आधारित है। हम पाठकों से उनके विचार और सुझाव आमंत्रित करते हैं। भविष्य में इस विषय पर और अपडेट्स के लिए बने रहें।


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